राम आए है तो राज भी आएगा
राम आए है तो राज भी आएगा
राम आए है तो राज भी आएगा
कलयुग भी त्रेता बन जाएगा
भ्रष्टाचार जाएगा थम
नेता भी अच्छा, सच्चा
ईमानदार कहलाएगा
राम आए है तो राज भी आएगा
जन-जन में ईमान होगा
नारी रहेगी सदैव अग्रणी
जननी का सम्मान होगा
न्याय की गंगा बहेगी
असत्य, फरेब, अत्याचार
अन्याय का मुँह काला कर
जड़ से उखाड़ा जाएगा
राम आए हैं… तो राज भी आएगा।
सबरी का जूठा बेर भी
प्रेम से खाया जाएंगा
नफरत, जाती, बंधन
सिरे से नकार कर
फिर ढहाया जाएगा
राम आए है तो राज भी आएगा
राम राज्य में
सभी को छूट होगी
ना चोरी-डाका
अंधाधुंध ना लूट होगी
सत्य का परचम
फिर फहराया जाएगा।
राम आए हैं… तो राज भी आएगा।
जहाँ न नीति , न नारी रोए,
जहाँ शासक नहीं, सेवक होए।
वो स्वप्न फिर धरती पर लाया जाएगा,
राम आए हैं… तो राज भी आएगा।
न तलवार का भय, न सत्ता मद,
धर्म संग करुणा–श्रद्धा–सद्।
हर मन में विश्वास जगाया जाएगा,
राम आए हैं… तो राज भी आएगा।
स्वागत में हजारों दीप जलेंगे
पलक- पावड़े बिछेंगे
करोड़ो नयन सजल होंगे
युगों-युगों पुराना क्रम
फिर से दोहराया जाएगा
राम आए है तो राज भी आएगा
असत्य पर सत्य की विजय होगी
हर धर्म का होगा उचित सम्मान
न्यायप्रिय राम-राज्य कहलाएगा।
--- सौरभ गोस्वामी
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