चाय - chai

चाय
आने से जिसके
आ जाती है
चेहरे पर रौनक
फूलों सी मुस्कान हल्की
सुकून देती घर की
हर मर्ज की दवा
अन्दर जाते ही हर
दर्द हो जाता हवा
सेर में भी सवा, निराली
कोई और नहीं मेरी
एक चाय की प्याली है।
अदरक , सौंठ, इलायची,
लौंग और मिर्च काली
क्या महक उठे जो
दो पत्ती तुलसी डाली
तरह-तरह के रूप है इसके
हर रूप में जियारी मेरी
एक चाय की प्याली है।
भांति भांति की केसर,
पान, चॉकलेट, ग्रीन,
मसाला और चाय काली
ऑफिस की थकान,
दिन भर की फ़ाय फ़ाय
सुकून, ताजगी देती मेरी
एक चाय की प्याली।
नाश्ते के साथ रमती है
खोखी भी जमती है
चाय, चुश्कि, चर्चा
स्वाद घड़ी-घड़ी है
जगह जगह चाय
राजनीति की थड़ी है
सर्दी की गरम कम्बल
गर्मी में पुरजोर संबल
बारिश में भी आली है
हर मौसम में मतवाली मेरी
एक चाय की प्याली है।
फ़िल्मी कैटरीना ये,
रेसलिंग, जॉन शीना है
दीवाने इतने इसके
हर हाल में पीना है
बिन इसके रात सूनी
दिन भी खाली-खाली है
ऐसी दिलवाली मेरी एक चाय की प्याली है।
- सौरभ गोस्वामी

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