कोरोना का क्या रोना-CORONA KA KYA RONA

CORONA KA KYA RONA


           

कोरोना का क्या रोना


कोरोना का क्या रोना
कोरोना को क्या रोना 
जब डॉक्टर, नर्सेज स्वछता प्रहरी 
दे रहे है, टक्कर गहरी 
मोदी जी का है सर पे हाथ
तो कोरोना की क्या बिसात 
बन कर एक अच्छा शहरी
रक्षित कर देश का हर कोना 
कोरोना का क्या रोना 
कोरोना को क्यों रोना। 
जब गली - गली में कोरोना
हाथ बारम्बार ही है धोना 
डॉक्टर, नर्सेज और पुलिसकर्मी
न दी इन्होने कोई नरमी 
लिए  हाथ, तलवार और ढाल, 
कोरोना के ये ही है काल 
समझ जाओ महामारी है
नहीं ईलाज इसका जादू -टोना 
कोरोना का क्या रोना
कोरोना को क्या  रोना।
आज कोरोना ले रहा 
रूप अति विकराल
सोशिअल डिस्टेंसिंग  से ही 
आएगा इसमें बिखराव 
हिन्दू, सिख, मुस्लिम, ईसाई, 
कोरोना नहीं किसी का भाई 
कोई ऐसी करो न भूल
कोरोना बन जाये 
जीवन का शूल 
रहो संयम, सावधान
न किसी चीज़ का रोना धोना 
कोरोना का क्या रोना
कोरोना को क्या रोना। 
जब धर्मस्थल 
हो गए हो तालों में 
ईश्वर आ गए, 
कोरोना वॉरियर्स अवतारों में 
ना थूको, ना मारो
इन्हे ही अपना रक्षक जानो 
मानो इनकी सभी बात
फिर चैन से सोना 
कोरोना का क्या रोना
कोरोना को क्या रोना। 
समय ही तो 
बुरा है बीत जाएगा
जो आज है, 
कल हो अतीत जाएगा 
निकलेगी हँसती
खिलती जिंदगी 
महकेगा, चहकेगा
देश का हर कोना 
कोरोना का क्या रोना
कोरोना को क्या रोना। 
लॉक डाउन ही तो है
खुल जाएगा 
कुछ दिन बाद संगी - साथी 
मिल जाएगा 
आज निकले तो 
ये कल न होगा 
आकाश तो होगा
थल न होगा 
क्यों आज के लिए
कल को खोना 
कोरोना का क्या रोना
कोरोना को क्या रोना। 

                                     - सौरभ गोस्वामी 

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