HAR DP KUCH KAHTI HAI - हर डीपी कुछ कहती है 

HAR DP KUCH KAHTI HAI



हर डीपी कुछ कहती है 



हर डीपी कुछ कहती
हर डीपी कुछ कहती है
हर दम झील सी पिक्चर बहती
अब मुरझाई सी क्यों रहती है
क्यों तू ऐसा जता रहा है
किसका डर तुझे सता रहा है
न हो चिंतित 
डर मत किंचित
स्वयं सहायता कर
बन कर एक सैनिक
डीपी कहती है डोंट बी पैनिक
हर डीपी कुछ कहती
हर डीपी कुछ कहती है।
हर मौके पर तू मुझे बदलता
मैं बदलती रहती
अब एक फ्रेम में रह कर ही 
सब कुछ सहती
लगा अब कोई डीपी ऐसी
लोगो को दे जाए ताकत बेसी
डीपी लगा मास्क वाली
लेकर डबल प्रोटेक्शन
हर डीपी कुछ कहती
हर डीपी कुछ कहती है। 
जब कोरोना का हो हाहाकार
उजड़े धंधे, जीना हुआ दुश्वार
कोरोना का अभी तो है 
यह मिड ऐज
डीपी कहती सुरक्षा के साथ 
मुझे सहेज
बाकि है अभी 
इसका तीसरा डार्क फेज
हर डीपी कुछ कहती है
हर डीपी कुछ कहती है।
तू तो घर में ही अकड़ा
मुझे एक फ्रेम में है जकड़ा
अब तू बदल तो 
मेरे को भी बदला जाएगा
आएगी चेहरे पर तेरे हँसी
मिलेगी मेरे को भी ख़ुशी
चौका नहीं अब लगा 
एक लम्बा वाला सिक्सर
नाम तभी असल सार्थक 
होगा मेरा, डिस्प्ले पिक्चर
हर डीपी कुछ कहती
हर डीपी कुछ कहती है।
हो सजग, संयमित
अब नींद से जग ले
डीपी अब हिंदी में भी 
कहती है - डर मत पगले
सबकी बात सुन
काम की बात चुन ले
सब कुछ वैसा ही हो जाएगा
आज मुझसे तू ये सुन ले
सर्व कल्याण हेतु
डाउनलोड पहले आरोग्य सेतू
हर डीपी कुछ कहती
हर डीपी कुछ कहती है।


                        - सौरभ गोस्वामी

4 टिप्‍पणियां:

Blogger द्वारा संचालित.